नव वर्ष मंगलमय हो !सरस्वती जोशी
दुआ
दुआ
जब हम रो पड़े थे यूँ ही अनायास ।
तब सोचा नहीं था कौन खड़ा है पास ।
पर जब कई आँखों की नमी देख हमें होश आया ।
तो सच मन दुखी हुआ कि हमने इतनों को रुलाया ।
तब सोचा नहीं था कौन खड़ा है पास ।
पर जब कई आँखों की नमी देख हमें होश आया ।
तो सच मन दुखी हुआ कि हमने इतनों को रुलाया ।
माफ़ करना हमें मित्रो ! हमारा यह करना सही नहीं था ।
हँसी दें न दें, पर गमों का वितरण तो करना ही नहीं था ।
हम निपट स्वार्थी हैं, सो कहेंगे ज़रूर जो बात मन में है आई ।
आप से आई करुणा की बूँदों ने हमें अजब तसल्ली है दिलाई ।
हँसी दें न दें, पर गमों का वितरण तो करना ही नहीं था ।
हम निपट स्वार्थी हैं, सो कहेंगे ज़रूर जो बात मन में है आई ।
आप से आई करुणा की बूँदों ने हमें अजब तसल्ली है दिलाई ।
हम अकेले नहीं अबसे, कोई है अपना कह पायेंगे ।
गर आये कोई विपदा तो अवश्य पार कर जायेंगे ।
डूबने से पहले यदि हम फैलायेंगे हाथ ।
तो है विश्वास कुछ मित्र आ दे देंगे साथ ।
गर आये कोई विपदा तो अवश्य पार कर जायेंगे ।
डूबने से पहले यदि हम फैलायेंगे हाथ ।
तो है विश्वास कुछ मित्र आ दे देंगे साथ ।
अगर हमने बेबस हो मदद को पुकारा ।
तो रहने न देंगे वे हमें निपट बेसहारा ।
कैसे करें अदा इस मित्रता का शुक्रिया !
आप के लिये होगी बस हमारी हर दुआ !
तो रहने न देंगे वे हमें निपट बेसहारा ।
कैसे करें अदा इस मित्रता का शुक्रिया !
आप के लिये होगी बस हमारी हर दुआ !
- सरस्वती जोशी
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